Kamal Kakdi - कमल ककड़ी क्या है और कमल ककड़ी खाने के फायदे?

kamal kakdi in hindi
कमल ककड़ी, कमल की जड़ होती है जिसे खाद्य पदार्थ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इंग्लीश में इसको लोटस रूट (Lotus Rootऔर लोटस क्यूकमबर (Lotus Cucumber) के नाम से जाना जाता है। इस पोस्ट में Kamal Kakdi से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी गयी है जैसे कमल ककड़ी क्या है, इसका इस्तेमाल किसमे होता है, ककड़ी की खेती, कमल ककड़ी खाने के फायदे आदि
 

विषय सूची

Kamal Kakdi क्या है?

नेलुम्बो न्यूसीफेरा एक जलीय पौधा जिसे भारत में कमल के रूप में भी जाना जाता है, इसकी जड़ या रूट को खाने के व्यंजन बनाने में काम लिया जाता है, इसे ही कमल ककड़ी (Kamal Kakdi) कहते है

बेलनाकार व भूरे रंग की जड़ो वाला, एक बारहमासीय जलीय पौधा जिसे कमल कहा जाता है, कमल ककड़ी इसी पौधे का सुपाच्य प्रकंद या सबट्रेनियन तना होता हैं। 

कमल ककड़ी बहुत ही पौष्टिक आहार होता है जिसमे इसमें कई सारे गुण पाए जाते हैं जो इसको खाने में काम लेने के लिए विशेष रूप से स्वस्थ घटक बनाते हैं। इसके साथ ही कमल ककड़ी प्रोटीन और फाइबर का भी बहुत अच्छा स्रोत है इसलिए इसका उपयोग बहुत जगहो पर अलग-अलग तरह की डिश बना कर किया जाता है


Kamal Kakdi का उपयोग

कमल ककड़ी से कई प्रकार के खाने योग्य व्यंजन बनाए जा सकते है जैसे की..
  • कमल ककड़ी की ग्रेवी वाली सब्ज़ी 
  • लज़ीज़ मसाले लगाकर कमल ककड़ी फ्राई 
  • कमल ककड़ी का अचार 
  • उबाल कर कमल ककड़ी का सलाद 
  • कमल ककड़ी के कोफ्ते 
  • फ्राईड कमल ककड़ी रायता 


Kamal Kakdi की खेती

कमल ककड़ी की खेती साल में तीन बार की जाती है। बहुत सारे किसान अपने खेत में तालाब बनाकर इसके बीज की बुआई करते है। कमल ककड़ी की पैदावार की बात की जाए तो, एक एकड़ में तकरीबन 50 - 60 क्विंटल कमल ककड़ी का उत्पादन आसानी से संभव है। स्थानीय  बाज़ारो में कमल ककड़ी की कीमत मात्र 10 - 20 रुपये/किलोग्राम होती है बल्कि दक्षिणी भारत में इसकी कीमत 80 - 100 रुपये/ किलोग्राम मार्केट भाव होती है। 

उतरी भारत के किसान इसकी खेती ज़्यादा करते है, वो लोग इसकी पैदावार से कमाई जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र जैसे राज्यो से करते है क्योकि इन राज्यो में इसकी खपत बहुत ज़्यादा होती है, किसान ट्रांसपोर्ट के ज़रिए माल (कमल ककड़ी) को बड़े व्यापारियों तक पहुँचा देते है और व्यापारियों के द्वारा किसानो के माल की कीमत बॅंक ट्रान्स्फर से प्राप्त कर ली जाती है 

कमल के पौधो को 21°c - 35°c तापमान की ज़रूरत होती है यानी की कमल की खेती के लिए तालाब पर अच्छी धूप बहुत ज़रूरी होती है, यदि तापमान आपके इलाक़े में 35°c से ज़्यादा रहता है तो तालाब पर शेड लगाने की ज़रूरत पड़ सकती है


कमल के बीज़ के अंकुरित होने से लेकर आखरी उत्पाद प्राप्त करने की प्रकिर्या काफ़ी लंबी होती है, इसके बीज़ को गुनगुने पानी में डालकर अंकुरित किया जाता है व बीज़ के अंकुरित होने तक पानी को रोजाना बदला जाता है

इन अंकुरित बीज़ो को अच्छी किस्म की मिट्टी को रिवर सेंड (बजरी या नदी की रेत) में लपेटा जाता है, पूरी तरह से नही ढक देना है, धीरे से मिट्टी के शीर्ष पर अंकुरित बीज़ो को दबाया जाता है

फिर जिस भी पॉट यानी बर्तन में आपने इनको रखा है उसको अच्छे से पानी से भर दे और कुछ दिनो के बाद इन कमल के पौधो को बर्तन से तालाब में रख कर पानी को एक मीटर उपर तक भर दे, तालाब में पहले से पानी है तो ध्यान रखे की तालाब की घहराई ज़्यादा ना हो

 इन पौधो का सही से रख रखाव करे जैसे पौधे की पत्तियो के पीले होने पर उनको हटा दे, जब ये पौधे अच्छे से परिपक्व हो जाते है तो इनकी जड़े बेलनकार और मजबूत बन जाती है, कमल के पौधे की ये जड़े ही कमल ककड़ी होती है, परिपक्व पौधो की जड़ो को तोड़कर बाजार में बेचा जाता है
   


Kamal Kakdi खाने के फायदे

विटामिन और खनिजों की एक बड़ी मात्रा में कमल ककड़ी विटामिन बी, विटामिन सी, आइरन, पोटेशियम, कॉपर, थियामिन आदि सब से भरपूर हैं। यहाँ कमल की जड़ या कमल की ककड़ी के कुछ और भी बेहतरीन लाभ बताए गए हैं जैसे 

  • कमल ककड़ी का भोजन में उपयोग तनाव कम करने में मदद करता है
  • यह हमारी त्वचा और बालों के लिए काफ़ी अच्छा है
  • इसका उपयोग शरीर में जल प्रतिधारण को रोकता है और वजन घटाता है
  • यह रक्तचाप (ब्लडप्रेसर) को नियंत्रित रखने में मदद करता है
  • इसमे उच्च मात्रा में आहार फाइबर मौजूद होते हैं जो पाचन को बढ़ाने में मदद करते हैं
  • इसके सेवन के और भी कई सारे लाभ है जैसे खाँसी से राहत, दस्त में आराम, सूजन को कम करने में उपयोगी, कॅन्सर से लड़ने में मददगार, मुहासो से छुटकारा, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक आदि

Kamal Kakdi के नुकसान

कमल ककड़ी का सेवन करने में कोई ख़ास खतरा या जोखिम नहीं हैं, इसको पका कर जैसे उबाल कर या फ्राइ करके खाना उचित होता है, कच्चा सेवन ना करे। इसके अलावा कमल ककड़ी के सेवन से शरीर पर किसी तरह के नुकसान का कोई शोधित प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह कहना बहुत मुश्किल है कि कमल ककड़ी में ऐसे कोई घटक मौजूद है जिससे किसी तरह का शारीरिक नुकसान हो सकता हैं या नहीं। फिर भी कमल ककड़ी का सेवन नियंत्रित मात्रा में करना ही बेहतर होगा
 

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